Umbrella ek kahani-Hindi kahani



ये कहानी है 1930  का ,लिली एक सुंदर छोटी बच्ची जो अपना मम्मी के साथ London मे रेह रही थी ।एक दिन मम्मी के साथ अनाथ आश्रम को गई थी ,अनाथों केलिए कुछ सामान लेके । उस दिन बहत बारिश हो रही थी तो लिली अर उसकी की मम्मी एक छाता लेके गए थे । अनाथालय पहन्छ के लिली अपना छाता को बहत सबधानी से एक जगह पर रख दीआ ।

उस अनाथालय मे जॉन नाम का अर एक छोटा बच्चा रहता था । जिसको छाता(Umbrella) की प्रति बहत प्रेम था पर उसको छाता कहीं पर भी नहीं मिल राहा था । वो जब लिली की छाता देखा तो ले गया अर अपना रूम मे छुपालिया । कुछ समय बाद लिली ने देखा छाता गायब है बो ढूनते ढूनते जॉन के रूम मे पहन्छ गया तो देखा जॉन छाता को पकड़ के रो राहा है । लिली देखा छाता जॉन के हाथ मे है तो बो गुस्से मे जॉन को पीटने लगा क्यूँ की उसको पता नहीं था जॉन को छाता के प्रति क्यूँ इतना लगाब है अर बो एक छोटी बच्ची थी ।

कुछ समय बाद लिली की मम्मी आए अर जॉन को पूछे क्यूँ रो रहे हो तभी जॉन बोला “मेम मुझे ये umbrella दे दीजिए मुझे बहत प्यार है इससे,मे यहाँ आने से पहले मेरे साथ मेरे मम्मी पापा रहते थे । एक दिन बारिश हो राहा था रात को हम आ रहे थे एक ही छाता था अर हम तीन लोग थे । मेरे मम्मी पापा ने मुझे छाता देके बो भीग भीग के चलने लगे तभी एक गाड़ी आके उनको ठोक के चला गया जिसके कारण मे अनाथ हो गया । उस रात मेरे पास एक छाता ही था जिसके कारण मे रात भर बच पाया । दूसरे दिन कुछ गुंडे आके मेरे छाता को चोरी करके ले गए फिर एक अच्छे अंकल मुझे मिले जो अपना Umbrella से मुझे ढक के यहाँ छोड़ दीआ ।”जॉन के कहानी सुनने के बाद लिली का मम्मी को भी बहत बुरा लगा अर बो 100 छाता लैक जॉन को देदिए । जॉन बहत खुश था इतने छाता मिल गया बो सारे umbrella को संभाल के रखा था ।

5 साल बाद जॉन भी थोड़ा बडा हो गया था । बो सोचा क्यूँ ना एक छाता का ब्यापार किया जाए अर छोटा सा दुकान खोला । उसका ब्यापार धीरे बडा हो गया अर बो एक बहत बडा ब्यापरी बन गया था । अभि लिली भी बडा हो गयी थी । एक दिन umbrella खरीदने केलिए जॉन के दुकान को पहन्छ गयी तो देखा लिली अर उसका मम्मी का एक बहत बडा सा फोटो  लगा हुआ है । ये देख के लिली पूछने लगी अर परिचय भी हो गए अर याद भी आ गया बही पुरानी बात ।कुछ दिन बाद दोनों को प्यार होगया फिर सादी करलिए ।

करीब 70 साल बाद लिली का भी मृत्यु हो  गया अब जॉन अकेला रात दिन लिली को याद करता रहता है । अभि भी उसका छाता के प्रति प्रेम नहीं गया । अभि भी याद करता है लिली केसे Umbrella पकड़ के जा राहाथा उसका हाथ पकड़ के ।

यही था एक कहानी Umbrella का।