दो मित्र  केकड़ा अर मछली -TWO FRIEND CRABS AND FISH Hindi Story




बहत साल पहले दो मित्र एक मछली अर एक केकड़े एक छोटासा तालाब मे रहते थे । बो बहत खुसी से अपना जीबन बिताते थे एक ही समस्या होता था उनके जीबन मे की गर्मी के मौसम मे तालाब सुख जाता था अर कुछ परिसनिओ के सामना करना पड़ता था । हर कठिनाई को बो सेह जाते थे ।


एक दिन मछली ने सोचा अर कितने दिन इतने मुस्किल मे बचेंगे हर साल गर्मी आता अर तालाब सुख जाता है । यह सोचकर बो एक योजना प्रस्तुत किया ।अर अपना दोस्त केकड़े से अपना तालाब छोड़ के दूसरे बड़े नदी को जाने केलिए बोला । ये बात सुनके केकड़े ने मुस्कुराके बोला क्यूँ मजाक करते हो दोस्त,ये देखके मछली ने गुस्सा होके बोला मे मजाक नहीं कर राहा हूँ मे गंभीरता से बोल राहा हूँ,वेसे सोचिए दोस्त हम अगर एक बडा नदी को जाएंगे तो गर्मी मे इतने परिसानी उठानी नहीं पड़ेगी हम खुसी से रहेंगे ।


इसके बाद केकड़े ने बोला आप की बात सही है पर हम जाएंगे केसे,हम बहत छोटा प्राणी है आस पास कोई नदी भी नहीं है जाने केलिए बहत दिन लग जाएगा । बहत सोचने के बात केकड़े ने दूसरे नदी को जाने का निर्णय को रद्द करदीआ । पर क्या करे बीचारा मछली का तो मन ही नहीं मान राहा था बो सिर्फ केसे दूसरे नदी को जाएगा उसके बारे मे सोच राहा था ।


कुछ दिन के बाद मछली अकेला नदी केलिए चलने लगा ये देख के केकड़े ने पूछा काहां जा रहे हो दोस्त मछली ने बोला अरे दोस्त मुझे बोरिंग जगह मे रेह रेह के अर अच्छा नहीं लग राहा हे मे चला दूसरे नदी को । ये सुनके केकड़े भी चलने लगा ।


दोनों खुसी से दूसरे बड़ी जगह के सफर मे लग गए । कुछ समय बाद मछली को प्यास लगने लगा अर प्यास के वजह से चल भी नहीं पाया । तब केकड़े ने पनि के तलाश मे लग गया  । आस पास मे पानि नहीं था,बो ढूनते ढूनते बहत दूर चला गया फिर बहत देर बाद एक कुआं मिला वो पनि पिया अर उसका दोस्त केलिए पानि लेआया । जब पानि लेके आया बो देखा उसका दोस्त मर गया हे । बो बहत रोआ चिल्लाया अर बो कुआ को चला गया अर उहाँ होल बना के रहने लगा । उसी दिन से केकड़े पनि मे भी अर मिट्टी मे होल करके रहता है ।