The story of a Painter-एक चित्रकार का कहानी-Hindi Kahani

Painter

Story of a Painter

ये कहानी है 1980 का रेखा नामक एक लड़की थी जो की चित्रकला का बहत सौकिन थी । रेखा जगह जगह जाके लोगों का चित्रकला देख के खरीद के लेती थी । अर घर मे सजाके रखती थी । एक तरफ बिभू नाम का एक चित्रकार रहता था । बिभू चित्रकारी मे बहत सारे इनाम जीत चुका था । एक दिन रेखा बिभू के घर पहनच गयी अर बिभू के बनाया हुआ चित्र देख के मंत्र मुग्ध हो गयी । बिभू से कुछ चित्र खरीदा अर चली गई । पर बिभू ने तभी से लड़की से फ़ीदा हो चुकी थी । इसीलिए बाहाना मारके रेखा से बोला “मैडम जी अगर आप को अपना एक सुंदर सा चित्र चाहिए तो मेरे घर को आइएगा मे आपकी एक बढ़िया सा  चित्र बना दूंगा” । ये सुन के रेखा भी खुश हो गई क्यूँ की रेखा थी painting की दीवानी ।

कुछ दिन बाद रेखा बिभू के घर को गयी ये देख के बिभू भी बहत खुश हो गया । उसका मन ही मन मे लड्डू फूटने लगा क्यूँ की बिभू थोड़ा Romantic प्रकार का आदमी था । फिर रेखा को एक जगह मे बैठा कर उसकी चित्र करने लगा । चित्र करने मे थोड़ा late कर राहा था क्यूँ की रेखा कुछ देर अर उसका घर मे रुके । रेखा का चित्र सम्पूर्ण तरह से  बनाने मे 3 दिन लग गया । उस 3 दिन हर रोज रेखा बिभू के घर को आती थी अर साम को चली जाती थी । बिभू के मन मे पहले से लड्डू फुट चुका था पर रेखा के मन मे भी लड्डू फूटने लगा 3 दिन के बाद । रेखा इतना Impress हो गया था बिभू की चित्र कला मे उसको अर कुछ नहीं दिख राहा था ।

कुछ दिन बाद रेखा को बिदेश जाना पडा suddenly किसिको बिना बताए चली गयी बिदेश को । वो बात बिभू को भी पता नहीं था । कुछ दिन तक रेखा मिलने केलिए नहीं आई तो बो पता किया रेखा बिदेश चली गई है । फिर बिभू का मानसिक स्तर मे दुखी रहता था जिसके कारण उसका Painting भी अच्छा नहीं हुआ अर उसका रोजगार हराने लगा । दूसरी तरफ रेखा भी बिभू से दूर होने के बाद बिभू का प्यार सताया ।

पूरे एक साल बाद रेखा बिदेश से लौटी ।  लौटने के बाद ही बिभू से मिलने केलिए गयी पर बिभु का अता पता नहीं । दर असल बात ये है बिभू का कोई नहीं था उसका एक ही भरोसा Painting था । जिसको बेच के अपना गुजारा करता था पर अभी उसका बही गुजारा भी चल गया अर बो भी कहाँ चल गया पता नहीं ।

एक दिन कुछ काम केलिए रेखा railway station गई थी उहाँ देखा एक चीज उसका बिस्वास नहीं हुआ । बिभू उहाँ बैठ के भीक मांग राहा था । ये देख के रेखा रोने लागि जाके बिभू के गले लगाके उसे घर ले गई । उसके बाद दोनों सादी कीये ।  

हां दोस्तों ये कहानी मे एक सच्चाई छुपा हुआ है । बहत सारे कलाकार जो अपने जमाने मे बादशाह हुआ करते थे अभि बिभू की तरह होगए है ।