A life story of mahatma gandhi in hindi language-Hindi Kahani

 A life story of mahatma gandhi in hindi language-Hindi Kahani

A life story of mahatma gandhi in hindi

 A life story of mahatma gandhi in hindi

ये काहानी है हमरे जाती के पिता मोहनदाशकरमचाँद गांधी की जिसको हम बापूजी के नाम से भी जानते है । गांधीजी जब छोटे थे तब का एक घटना हैये । गांधीजी को करीब 7 से 8 साल हो राहा था तब गांधीजी ने अपने दोस्तों के साथ बन को भोजी करने केलिए गए थे ।

भोजी मे बिभिन्न प्रकार की स्वादिस्त भोजन का प्रबंध हुआ था उसके साथ मांस भी हुआ था । गांधीजी का बचपन से ही जीबो के प्रति बहत दया था बो जीब की हत्या कभी भी सेह नहीं पाते थे। पर उसदिन उनके दोस्तों के कहने पर थोड़ा मांस खा लिए थे,तब से उनका मन अशांत था । वो मन ही मन मे कोश रहे थे क्यूँ खाए अर लोग केसे जीब को खाने को पसंद करते है।

उस दिन रात को गांधीजी पिताजी के साथ सोये थे अचानक उठ के रोने लगे । उनके पिताजी ने पूछा क्यूँ रो राहा है तो गांधी ने बोला “पिताजी मुझे माफ करदीजीए,मेरे द्वारा आज एक बहत बड़ी गलती हो गई,मेने बकरी का मांस खाया भोजी मे तो बकरी मेरे पेट मे रो रही है,इसीलिए मुझे रोना आ गया”। तभी पिताजी ने गांधी को बोला अरे बीटा आप से अनजाने मे ये गलती हो गया तो उसे भूल जाईए अर आगे एसा गलती कभी मत करना । अहिंसा से बडा धर्म कुछ नहीं होता ।

तभी से गांधीजी अहिंसा को अपना लिए अर घर घर जाके अहिंसा का प्रचार करने लगे ।

Post a Comment

0 Comments