A Intresting story of jhadu-Hindi kahani

 A Intresting story of Jhadu 

एक राजा थे जीनको गंदगी बिल्कुल पसंद नहीं थी । अगर कहीं पर भी मैला देखे तो मंतरिओ की पगार काट देते थे । ये देख के मंतरिओ ने सोचने लगे की कुछ तो करना पड़ेगा । तो मंतरिओ ने राजा से प्रस्ताब कीये की कुछ लोगों को रखा जाए सिर्फ साफ सफाई केलिए,राजा भी मंजूरी देदी । इसके बाद पचास लोगों को उस राज्य के सफाई कर्मचारी के रूप मे नियुक्ति दिया गया । बो पचास लोग हर दिन सुबह आके साफ करने लगे कोई कपड़ा मे पोंछा लगाया,तो कोई फूक फूक के मैला साफ करने लगा जो की बहत मेहनत की काम हुआ करता था अर ठीक से साफ वी नहीं होता था । पचास कर्मचारी को लगाने की बाद भी साफ नहीं हुआ देखके राजा अर भी रूस्ट होगए अर मंतरिओ के पगार दो गुणा काटने लगे । जिसके कारण मानरिओ ने बो सफाई कर्मचारिओ से अत्याचार करने लगे अर ज्यादा काम करबाने लगे जिसके कारण कर्मचारिओ ने आसंतूसट थे,पर क्या कर सकते थे बो लोग तो राजा के गुलाम थे । उसके बाद सफाई कर्मचारिओ के संख्या मे भी बृद्धि किया गया पर कुछ खास असर नहीं आया । ये देखके मंतरिओ ने कुछ अर उपाय सोचने लगे । उस राज्य का सारे बैज्ञानिक लग गए केसे साफ करा  जाए पर कुछ सफलता नहीं मिला ।

कुछ दिन बाद मंतरिओ ने राज्य के हर गाँव मे ढींन्डोरा पिटवा के प्रचार की जो आदमी राजमहल को पूरी तरह से कम से कम समय पर साफ कर देगा उसको भारी मात्रा मे इनाम मिलेगा । एक गाँव मे रामसिंघ नाम का एक चतुर आदमी रहता था । उसका पेशा था पेड़ पततिओ से सामग्री बनाके बेचना । वो सोचा प्रयास करने मे क्या जाता है बोल के राज दरबार के तरह चलने लगा । राज दरबार को पहनचते ही राजा को प्रणाम करके अपना परिचय दीआ,अर राजा से अनुरोध किया की उसको कुछ खजूर की पत्ती,रस्सी अर एक शक्त दंडा चाहिए राजा  भी अनुमति दे दिए  । रामसिंह अपना हतियार बनाना सुरू कर दीआ जिसे राज दरबार की सारी गंदगी को मार सके । वो एक एसा चीज बनाया जिसके कारण सारे मेला को काम से कम समय मे बाहर करने मे सफलता मिला । इसके बाद राजा जी ने उसका नाम झाड़ू दीआ क्यूँ की वो खजूर की पत्तिया,डंडा अर रस्सी सबकुछ झड़ी मे से लाया गया था । इस बात पे खुश होके राजा ने रामसिंग को बहत आदर के सहीत आस्रापिओ के थेली प्रदान कीये,अर एक अच्छा सा पद मे भी प्रदान कीये । जिसके कारण रामसिंघ का जीनदेगी बदल गया ।


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